जॉय साथ है

by Vivek Mishra


साइकल एक है, पर बैठे हम चार हैं,

जॉय राइड है या नही पर जॉय साथ है.

धूप कड़क है या खिली खिली,

इससे कोई सरोकार नही, पर जॉय साथ है.

…..

वो दूर कोई मंज़िल है, या क्षितिज,

बस पींगे मारते जा रहें हैं, सफ़र का मज़ा लिए जा रहे हैं.

जॉय राइड तो नही है शायद, पर जॉय साथ है!

…….

आज एसी कार है, रफ़्तार है,

आँखों पे चस्मा है, बैठे बैठे गानो का आनंद लिए जा रहे है,

जॉय राइड तो है, पर… जॉय नही साथ है.

-​विवेक